रांची में बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय, प्रवक्ता अजय साह और मीडिया सह-प्रभारी योगिंदर सिंह मौजूद रहे, प्रेस वार्ता में आदित्य साहू ने कहा कि जैसे ही हजारीबाग के विष्णुगढ़ की घटना की जानकारी मिली, वे खुद मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की…उन्होंने कहा कि बीजेपी शुरू से ही दोषियों को फांसी देने की मांग कर रही है… लेकिन पार्टी को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है,
प्रदेश अध्यक्ष ने साफ कहा कि आरोपी का बीजेपी से कोई संबंध नहीं है… और पार्टी से जुड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी है…

अब अगर ऐसी घटना हुई तो झारखंड में हम उग्र आंदोलन करेंगे और एक दिन नहीं कई दिनों तक झारखंड ठप रहेगा:-BJP
झारखण्ड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में हुई दर्दनाक घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है… रांची में बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला… और दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग दोहराई….. और BJP अपने मसाल जुलूस और झारखंड बंद निर्धारित कार्यक्रम को वापस लेने का भी निर्णय…. लिया और इस मामले की न्यायिक जांच करने की भी मांग की।
आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के दिन सरकार के लोग कहां थे… कांग्रेस, राजद और झामुमो के नेता क्यों गायब थे…
उन्होंने रामगढ़ के चीतरपुर में नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो चुकी है.
- हजारीबाग कांड पर बीजेपी का बड़ा प्रहार
- दोषियों को जल्द फांसी दो — प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की मांग
- बीजेपी को बदनाम करने की साजिश: प्रदेश अध्यक्ष
- “सरकार बताये, घटना के दिन कहां थे नेता ?
- राज्य में कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
- “अब चुप नहीं बैठेंगे, होगा बड़ा आंदोलन

बीजेपी का दावा है कि 2019 से अब तक राज्य में 11 हजार से ज्यादा दुष्कर्म की घटनाएं सामने आई हैं…साथ ही प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री और कल्पना सोरेन की चुप्पी पर भी सवाल उठाए…उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दबाव नहीं बनाया होता, तो इस मामले का खुलासा भी नहीं होता…अंत में बीजेपी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आगे भी ऐसी घटनाएं होती हैं, तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन करेगी।

हजारीबाग कांड की पूरी दास्तान पढ़ें
विष्णुगढ़ के कुसुंभा गांव में 13 वर्षीय मासूम बच्ची की हत्या का खुलासा ऐसा है, जिसने पूरे जिले को झकझोर दिया है। जिस मां ने बेटी को जन्म दिया, उसी ने अपने बेटे की सलामती और पारिवारिक संकट दूर करने की चाह में बेटी की बलि दे दी।
देर रात पुलिस ने मीडिया के सामने वारदात का खुलासा किया। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतका की मां रशेमी देवी ने गांव की कथित भगतिन शांति देवी और अपने प्रेमी भीम राम के साथ मिलकर यह पूरी साजिश रची।
25 मार्च की सुबह गांव के मिडिल स्कूल के पीछे बांस झाड़ी में बच्ची का शव मिलने के बाद पूरे इलाके में दुष्कर्म और निर्मम हत्या की आशंका से भारी आक्रोश फैल गया था। शव की स्थिति देखकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
लेकिन छह दिनों तक चली एसआईटी जांच ने घटना की भयावह सच्चाई सामने ला दी। संयुक्त प्रेस वार्ता में अंजनी झा, शशि प्रकाश सिंह और अंजनी अंजन ने बताया कि हत्या किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि परिवार के भीतर रची गई थी।

इससे पहले डीजीपी तदाशा मिश्रा स्वयं हजारीबाग पहुंच कर मामले की समीक्षा कर चुकी थीं। भाजपा सहित पूरा विपक्ष इस मामले पर आंदोलनरत था। जांच में सामने आया कि रशेमी देवी अपने बेटे सुधीर कुमार सिंह की शारीरिक और मानसिक परेशानी को लेकर लंबे समय से चिंतित थी।
बेटे की तबीयत और पारिवारिक विवादों को लेकर वह पिछले एक वर्ष से गांव की कथित भगतिन शांति देवी के संपर्क में थी। भगतिन ने उसे विश्वास दिलाया कि परिवार की समस्याएं तभी दूर होंगी जब किसी कुंवारी लड़की की बलि दी जाएगी।
यहीं से मां के भीतर अंधविश्वास का ऐसा बीज पड़ा कि उसने अपनी ही बेटी को बलि के लिए चुन लिया। पुलिस के अनुसार भगतिन ने उसे यह भी समझाया कि उसकी छोटी बेटी पर देवी सवार है और उसी की बलि सबसे प्रभावी होगी।
जांच का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू रशेमी देवी और भीम राम के बीच करीब दस वर्षों से चले आ रहे अवैध संबंध हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार पति विनोद सिंह के मुंबई में रहने के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
गांव में इसकी चर्चा पहले से थी। यही संबंध धीरे-धीरे हत्या की साजिश का हिस्सा बन गया। 24 मार्च की रात रामनवमी अष्टमी के अवसर पर रशेमी देवी अपने बच्चों के साथ मंगला जुलूस में भी शामिल हुई थी ।
इस घटना की उधभेदण् होने के बाद हर कोई भौंचक है की कैसे एक माँ की ममता अपनी ही नन्ही सी बेटी की जान ले सकता है। पुलिस प्रसाशन की कार्यकुशलता की दाद देनी होगी।













