खूंटी (झारखंड)। झारखंड के खूंटी जिले में विकास योजनाओं को लेकर जिला प्रशासन ने समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला उपायुक्त आर. रॉनिटा ने की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को समय पर पूरा किया जाए ताकि आम लोगों को उनका लाभ मिल सके।
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, जल संसाधन और आधारभूत संरचना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आपसी समन्वय बनाकर कार्य किया जाए ताकि विकास कार्यों की गति तेज हो सके।
स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं पर विशेष ध्यान
बैठक में जिला प्रशासन ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की स्थिति की भी समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, संस्थागत प्रसव और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इसके अलावा कम वजन वाले बच्चों की संख्या कम करने और पोषण पुनर्वास केंद्रों के प्रभावी संचालन पर भी जोर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है।
आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की योजना
बैठक में सड़क निर्माण, एम्बुलेंस की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
जिला प्रशासन का मानना है कि सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े ढांचे को मजबूत करना क्षेत्र के विकास के लिए बेहद जरूरी है।
आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर जोर
खूंटी जिला मुख्य रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्र है और यहां के लोगों की आजीविका मुख्य रूप से कृषि और वन संसाधनों पर आधारित है। जिले में लगभग 6 प्रखंड, 86 पंचायत और 700 से अधिक गांव हैं जहां विकास योजनाएं चल रही हैं।
सरकार और प्रशासन का लक्ष्य है कि इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी समुदायों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
रोजगार और कौशल विकास की पहल
जिले में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए समय-समय पर रोजगार मेला और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कौशल विकास कार्यक्रमों को और बढ़ावा दिया जाए तो जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सकता है।
✅ निष्कर्ष:
खूंटी जिले में प्रशासन द्वारा विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा और निगरानी से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में जिले के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं में सुधार होगा।
सरकार और प्रशासन का कहना है कि योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो खूंटी जिले का सामाजिक और आर्थिक विकास तेज़ी से आगे बढ़ सकता है।













